Browsed by
Author: Krishna.Panchal@fountainheadschools.org

Guest Lecture_Grade-8_Hindi

Guest Lecture_Grade-8_Hindi

Dear Parents,

कक्षा -८  में  हिंदी विषय में अपनी चौथी  ईकाई “शांति और संघर्ष समाधान” के दौरान इस  संदर्भ में और अधिक  जानकारी देने के लिए हिंदी विभाग ने शिक्षिका श्वेता गुप्ते (Computer science and Psychology) को Guest Lecture के लिए  आमंत्रित किया था | उन्होंने जीवन में शांति के महत्त्व ,संघर्ष के विभिन्न कारणों ,संघर्ष के विभिन्न प्रकारों पर विस्तृत रूप से चर्चा की | इसके अलावा उन्होंने नए परिप्रेक्ष्य के माध्यम से  संघर्षों के सुखद व रचनात्मक समाधान के तरीको पर भी बातचीत की |  विद्यार्थियों  ने  इस  अवसर का लाभ उठाया और वे Thinker, Open minded और Balanced  जैसे  लर्नरप्रोफाइल को कनेक्ट कर पाए |
Regards,

Hindi Team

हिंदी गृहकार्य कक्षा -८ _सभी वर्गों के लिए

हिंदी गृहकार्य कक्षा -८ _सभी वर्गों के लिए

Dear Parents and students,

तूफ़ान और किसान के संघर्ष की कहानी

(कहानी को पढ़कर पूछे गए  प्रश्नों के उत्तर हिंदी नोटबुक में लिखिए –)

Submission-Next class

 एक गावं में एक  किसान रहता था , लेकिन कभी भी वह अपनी   फसल से खुश नहीं रहता था |

कभी ज्यादा ठण्ड हो जाने से उसकी फसल ख़राब हो जाती  तो कभी बारिश और तूफान खराब कर देते थे | वह बहुत ही दुखी रहने लगा और एक दिन मंदिर जाकर भगवान से बोला – हे भगवान् कभी तो मौसम हमारे मन के अनुसार कर दो | भगवान ने कहा – ठीक है तुम्हारे गावं में जैसा तुम चाहोगे वैसा ही मौसम होगा , अब क्या था किसान बहुत ही खुश हो गया |

अब जब वो चाहता तब उसके खेतो में बारिश होती और जब वो चाहता तो धुप होती , ऐसा करते करते वक़्त बीतने लगा |  उस किसान ने अपने खेतो में कभी भी तूफ़ान नहीं आने दिया और वह बहुत ही खुश था कि  इस बार तो खेतो में बहुत ही अच्छी फसल लग गई  है और उसके आनंद की कोई सीमा नहीं थी |  अब  फ़सल को काटने  का समय आ गया |  वह सुबह – सुबह अपने खेतो में फसल काटने के लिए पहुंच गया | लेकिन फसल को छू कर देखा तो वह हैरान रह गया , उसने देखा कि  गेहूँ के तो बीज ही नहीं है | सब खोखला है , वह बहुत ही मायूस हो गया और फिर मंदिर में भगवान के पास जाकर बोला आप ने ये क्या कर दिया ?  इस पर भगवान ने बोला – मैंने तो कुछ नहीं किया , इस बार तो जैसा तुम चाह रहे थे वैसा ही हुआ है |  अब तुम्हें क्या परेशानी है ?

किसान ने कहा  – मेरी सारी फसल तो बहुत ही अच्छी है लेकिन उसमे बीज खोखले है | इस पर भगवान ने कहा  – तुम  तूफ़ान को तो लाये  ही नहीं जिसके कारण  तुम्हारा बीज कमजोर रह गया और बड़ा होने पर वह खोखला हो गया है | अगर तुम तूफ़ान लाते तो ये सब और मजबूत हो जाते और साथ में कुछ और लोगो को मजबूत कर देते , क्योंकि तूफ़ान से लड़ने की ताकत सब बीज में नहीं होती है , जो तूफ़ान में गिर जाते है वो तो नष्ट  हो जाते है | लेकिन जो तूफ़ान में बच जाते है वो मजबूत होते है | अब किसान को बात समझ आ गई  उसने भगवान से माफी माँगी और वहां से चला आया |

  1. किसान अपनी फ़सल से खुश क्यों नहीं था ?
  2. किसान ने मंदिर जाकर  भगवान् से क्या कहा ?
  3. किसान ने जब  फसल को छू कर देखा तो वह हैरान क्यों रह गया ?
  4. किसान ने  भगवान से माफी क्यों मांगी ?
  5. क्या हमें हमारे जीवन में संघर्षो का डटकर सामना करना चाहिए ?यदि हाँ तो क्यों ?
  6. संघर्षों का सामना करने से क्या हमारे जीवन में  भी हम बीज की तरह मजबूत हो सकते है ?अपने विचार लिखिए | ( शब्द -सीमा ५०)
  7. जीवन में आने वाले संघर्षों से निबटने के लिए हमें कौनसे लर्नर प्रोफाइल को हमारे जीवन में आत्मसात करना होगा ?

(http://www.hindibabu.com/storm-and-farmer-story-in-hindi/)

भवदीय

हिंदी विभाग

Guest Lecture on the topic that How Does Too Much Sugar Affect Your Body?

Guest Lecture on the topic that How Does Too Much Sugar Affect Your Body?

Dear Parents,

कक्षा -8 में  “ स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती “  ईकाई के दौरान  विद्यार्थियों में  स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता बढे व उनके मार्गदर्शन के लिए  हिंदी विभाग ने  श्री जय कोसंबिया (Science Faculty)को Guest lecture के लिए आमंत्रित किया था |

जय कोसंबिया ने  विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने के  फायदे ,संतुलित आहार व  अधिक मात्रा में मीठे से होने वाले नुकसान  के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी | उन्होंने शुगर के प्रकार पर भी बात की और उन्होंने बताया कि किस तरह शुगर में मूड बदलने की क्षमता होती है जिससे हमें  थकान, एंजाइटी और डिप्रेशन हो जाता है | उन्होंने ये भी बताया कि  इससे शरीर में डोपामाइन स्तर बढ़ जाने से एंजाइटी डिस्ऑर्डर होने के कारण हमें  बहुत ज्यादा गुस्सा भी आने लग जाता है। विद्यार्थियों ने इस सेशन में बढ़- चढ़  कर हिस्सा लिया और  वे लर्नर प्रोफाइल Balanced व Caring को कनेक्ट कर पाए |

Regards,

Language Acquisition Team

हिंदी गृहकार्य कक्षा -७ सभी वर्गों के लिए

हिंदी गृहकार्य कक्षा -७ सभी वर्गों के लिए

प्रिय विद्यार्थियों ,

निम्नलिखित कहानी को पढ़कर पूछे गए प्रश्नो के उत्तर हिंदी उत्तर पुस्तिका में लिखिए –

नोट- कक्षा में यह कहानी आप सभी कॉपी राइट कर चुके हैं |

 

गणेश जी की कहानी

यह  कथा शिवपुराण से है। इसके मुताबिक देवी पार्वती ने अपने उबटन से एक पुतला बनाया और उसमें प्राण डाल दिए। उन्होंने इस प्राणी को द्वारपाल बना कर बैठा दिया और किसी को भी अंदर न आने देने का आदेश देते हुए स्नान करने चली गईं। संयोग से इसी दौरान भगवान शिव वहां आए। उन्होंने अंदर जाना चाहा, लेकिन बालक गणेश ने रोक दिया। नाराज शिवजी ने बालक गणेश को समझाया, लेकिन उन्होंने एक न सुनी।  

क्रोधित शिवजी ने त्रिशूल से गणेश का सिर काट दिया। पार्वती को जब पता चला कि शिव ने गणेश का सिर काट दिया है, तो वे कुपित हुईं। पार्वती की नाराजगी दूर करने के लिए शिवजी ने गणेश के धड़ पर हाथी का मस्तक लगा कर जीवनदान दे दिया। तभी से शिवजी ने उन्हें तमाम सामर्थ्य और शक्तियां प्रदान करते हुए प्रथम पूज्य और गणों का देव बनाया।  

गणेश के पास हाथी का सिर, मोटा पेट और चूहा जैसा छोटा वाहन है, लेकिन इन समस्याओं के बाद भी वे विघ्नविनाशक, संकटमोचक की उपाधियों से नवाजे गए हैं। कारण यह है कि उन्होंने अपनी कमियों को कभी अपना नकारात्मक…पक्ष नहीं बनने दिया, बल्कि अपनी ताकत बनाया। उनकी टेढ़ी-मेढ़ी सूंड बताती है कि सफलता का पथ सीधा नहीं है।

यहां दाएं-बाएं खोज करने पर ही सफलता और सच प्राप्त होगा। हाथी की भांति चाल भले ही धीमी हो, लेकिन अपना पथ अपना लक्ष्य न भूलें। उनकी आंखें छोटी लेकिन पैनी है, यानी चीजों का सूक्ष्मता से विश्लेषण करना चाहिए। कान बड़े है यानी एक अच्छे श्रोता का गुण हम सबमें हमेशा होना चाहिए।  

1-क्रोधित शिवजी ने त्रिशूल से गणेश का सिर क्यों काट दिया?

2- शिवजी ने पार्वती की नाराजगी कैसे दूर की ?

3-गणेशजी की छोटी आँखे हमें क्या सीख देती है ?

4-गणेशजी के कान बड़े होने के पीछे क्या सन्देश छुपा हुआ है ?

5-गणेशजी के पास कौनसी समस्याएं थीं ?

6-गणेशजी के पास इतनी समस्याएं होने के बावज़ूद उन्हें  विघ्नविनाशक, संकटमोचक की उपाधियों से क्यों नवाज़ा जाता है ?

7-इस वर्ष गणेश उत्सव कब आ रहा है ?दिनाँक व दिन अथवा तिथि लिखिए ?

विश्लेषण -analyze

अच्छे श्रोता- good listener

भवदीय

हिंदी विभाग

  

 

Guest Lecture Session (Language Acquisition)

Guest Lecture Session (Language Acquisition)

Dear Parents and Students,

कक्षा -७ के विद्यार्थियों ने हिंदी विषय में अपनी पहली ईकाई  की शुरुआत भारत के प्रमुख त्योहारों से की | इस ईकाई के अंतर्गत उन्होंने  भारत के प्रमुख त्योहार ,तिथियाँ , त्योहारों का हमारे जीवन में महत्त्व , हिंदी महिनों के नाम व  चंद्रमा की कलाओं पर आधारित कृष्ण पक्ष व शुक्ल पक्ष के बारे में जानकारी प्राप्त की |

इस ईकाई के दौरान हमने विद्यार्थियों को त्योहारों के संदर्भ में और अधिक  जानकारी देने के लिए अंग्रेजी भाषा के शिक्षक श्री  विलमोट चौधरी को आमंत्रित किया था जिनके परिवार में  सारे त्योहारों को बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ  मनाया जाता है | उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव बच्चों  से साँझा किए और बताया कि  त्योहार ज़रूर किसी धर्म से सम्बन्थित होते हैं लेकिन त्योहारों का मुख्य उद्देश्य आपसी भाईचारा,मेलजोल खुशियाँ बाँटना व खुले मन से सभी त्योहारों का आदर करना है | विद्यार्थियों  ने  इस  अवसर का लाभ उठाया और वे Caring और Open minded जैसे  लर्नर प्रोफाइल को कनेक्ट कर पाए |

(On behalf of Language Acquisition Team)

Jpeg

हिंदी गृहकार्य _कक्षा_८_सभी वर्गों के लिए

हिंदी गृहकार्य _कक्षा_८_सभी वर्गों के लिए

प्रिय विद्यार्थियों ,

नीचे  दी गई कहानी को पढ़िए व पूछे गए प्रश्नों के उत्तर अपनी हिंदी उत्तर पुस्तिका में लिखिए |

 

                                अंतिम समय में नहीं करना चाहिए ये काम,लेकिन क्यों?

 

कहानीकार अर्नेस्ट हेमिंग्वे बचपन में बड़े हंसमुख स्वभाव के थे। पढ़ने-लिखने में तेज हेमिंग्वे को ईश्वर ने उन्हें गजब की कल्पना शक्ति दी थी। एक बार की बात है उनके शिक्षक ने बच्चों से कहानी लिखने को कहा।

कहानी लिखने के लिए एक महीने का समय दिया। हेमिंग्वे ने सोचा, कहानी लिखने के लिए एक महीने की क्या ज़रुरत  है। यह तो एकाध घंटे में ही लिखी जा सकती है।

दिन गुजरते जा रहे थे, पर वह खेलकूद में ही मस्त रहे। उनकी बहन ने कई बार कहानी लिखने की याद दिलाई, लेकिन हर बार वह यही कहकर टालते रहे कि कहानी तो एक घंटे में लिख देंगे।

कहानी जमा करने के दिन से ठीक पहले की रात को भी हेमिंग्वे की बहन ने उन्हें कहानी की याद दिलाई, पर उन्हें नींद आ रही थी। कहानी सुबह लिख लूंगा, सोचकर वह सो गए। सुबह उठकर उन्होंने हड़बड़ाहट में लिखना शुरू किया। कहानी तो पूरी कर ली, मगर वह उससे संतुष्ट नहीं हुए।

उन्हें लग रहा था कि कहानी में भाषा और कथा सूत्रों में सुधार की जरूरत है। समय की कमी के कारण वह चाहकर भी सुधार नहीं कर सकते थे। इसलिए उन्होंने बिना सुधारे ही अधूरे मन से कहानी शिक्षक को सौंप दी।

इस तरह पुरस्कार किसी और छात्र को मिला। हेमिंग्वे बहुत निराश होकर घर लौटे तो उनकी बहन ने कहा, ’हर काम अंतिम समय में पूरा करने की आदत के कारण ही तुम्हें पुरस्कार नहीं मिला। इस असफलता से सबक लो और हर काम नियम समय पर करने की आदत डालो।’

हेमिंग्वे ने बहन की सलाह को अपना आदर्श बना लिया। आज पूरी दुनिया उन्हें एक श्रेष्ठ रचनाकार के रूप में याद करती है।

 

पूछे गए प्रश्नों के उत्तर अपनी हिंदी उत्तर-पुस्तिका में लिखिए –

 

प्रश्न -१ शिक्षक ने कहानी लिखने के लिए हेमिंग्वे को कितना  समय दिया?

प्रश्न -२ हेमिंग्वे ने  हड़बड़ाहट में कहानी लिखना तो  शुरू किया मगर वह उससे संतुष्ट क्यों नहीं हुए?

प्रश्न -३  हेमिंग्वे निराश होकर घर क्यों लौटे ?

प्रश्न -४ उनकी बहन ने हेमिंग्वे को क्या सलाह दी ?

प्रश्न -५ आपके मुताबिक हेमिंग्वे को कौनसी हैबिट (आदत )का विकास करना चाहिए था और क्यों ?

भवदीय

हिंदी टीम

 

हिंदी गृहकार्य कक्षा _८_सभी वर्गों के लिए

हिंदी गृहकार्य कक्षा _८_सभी वर्गों के लिए

प्रिय विद्यार्थियों,

वाचन कार्य के अंतर्गत  दी गई लिंक से कहानी पढ़िए और अपनी हिंदी उत्तर पुस्तिका में प्रश्नों के उत्तर लिखिए |

 

भवदीय

हिंदी विभाग

कहानी (homework )

 

Highlights of the Week_Hindi_Grade_8_All sections

Highlights of the Week_Hindi_Grade_8_All sections

Dear Parents and students,

इस सप्ताह विद्यार्थियों ने चम्पक पत्रिका में से कुछ कहानियों को पढ़ा ,समझा और सारांश लेखन लिखा |

इस सप्ताह हमने  एक गतिविधि भी करवाई जिसमे  विद्यार्थियों को दो समूह में बाँटा गया | प्रत्येक विद्यार्थी को चम्पक में से दो कहानी पढ़नी थी और उन्हें कहानी के आधार पर प्रश्न बनाने थे जो उन्हें सामने वाली टीम से  पूछने थे | इस प्रकार  की गतिविधि द्वारा विद्यार्थी  वाचन कौशल ,श्रवण कौशल ,सोचने -समझने के कौशल का  विकास कर पाए |

इस  गतिविधि को करवाने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ाई के साथ -साथ समूह में कार्य करने का कौशल व मदद की भावना जैसे गुणों  का विकास करना था |

साथ ही विद्यार्थियों ने वाक्य अशुद्धि व वाक्य -रचना पर आधारित कार्यपत्रक (worksheet) भी हल किए |

भवदीय

हिंदी  विभाग

Highlights of the Week_Hindi_Grade_8_All_Sections

Highlights of the Week_Hindi_Grade_8_All_Sections

Dear Parents and students,

इस सप्ताह विद्यार्थियों ने क्रिकेट खेल पर आधारित एक कार्यपत्रक (worksheet) किया  । भारत में  क्रिकेट खेल की लोकप्रियता व प्रसिद्ध खिलाड़ियों पर चर्चा की गई । खेल से जुड़े कुछ  कठिन शब्दों के अर्थ बताए गए ।

चूँकि खेल की ईकाई चल रही है ,विद्यार्थियों को ग्राउंड पर खेलने के लिए ले जाया गया था । विद्यार्थियों ने खेलने के बाद खेल पर अपना प्रतिबिम्ब लिखा कि किस प्रकार खेल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है ,घर के अंदर या घरेलू खेल(Indoor games) तथा मैदान में खेले जाने वाले खेलों (Outdoor games)में मुख्य अंतर क्या है व दोनों खेलों में क्या समानता है ?

इसके अलावा संकल्प पुस्तक में से “शिक्षक से राष्ट्रपति “पाठ पर आधारित एक और कार्यपत्रक(worksheet) विद्यार्थियों ने किया व पाठ का बारी – बारी से वाचन करवाया गया ।

भवदीय

हिंदी  विभाग